The Vedic Mantra Diaries



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तो चलिए विस्तार से जानते हे शाबर मंत्र साधना कैसे की जाती हे और इसका प्रयोग कैसे किया जाता हे उसके बारे में विस्तार से चर्चा करते हे,

साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। 

प्राचीन तंत्र शास्त्रों पर विश्वास कर साधना करें । 

जब ऐसा हो जाता है तो कहते हैं कि मंत्र सिद्ध हो गया। ऐसा मंत्र को लगातार जपते रहने से होता है। यदि आपका ध्यान इधर, उधर भटक रहा है तो फिर मंत्र को सिद्ध होने में भी विलंब होगा। कहते हैं कि 'करत-करत अभ्यास से जडमति होत सुजान। रसरी आवत-जात से सिल पर पड़त निसान॥'

मंत्र जप के दौरान अनुशासन:- मंत्र जाप करते समय मन को एकाग्र रखें। झूठ, क्रोध अथवा किसी भी चिंता से दूर रहें। साधना के दौरान धूम्रपान या अन्य नशा करना भी वर्जित है।

अगले पन्ने पर ऐसा सिद्ध होता है कोई मंत्र...

साधना समय में असली धूप का हीं उपयोग करें। 

ऐसे भी कई मंत्र होते हैं जिनमें किसी बाधा get more info को दूर करने की क्षमता होता है तो उन्हें जपने से वे बाधाएं दूर हो जाती है। 'मंत्र साधना' भौतिक बाधाओं का आध्यात्मिक उपचार है। यदि आपके जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या या बाधा है तो उस समस्या को मंत्र जप के माध्यम से हल कर सकते हैं।

वेदोंशास्त्रसप्त ऋषिसप्त चिरंजीवीसप्त नदियाँधामज्योतिर्लिंगकुंभ स्थलशक्तिपीठ

ॐ गुरु जी कहे, चेला सुने, सुन के मन में गुने, नव ग्रहों का मंत्र, जपते पाप काटेंते, जीव मोक्ष पावंते, रिद्धि सिद्धि भंडार भरन्ते, ॐ आं चं मं बुं गुं शुं शं रां कें चैतन्य नव्ग्रहेभ्यो नमः

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हर मंत्र की प्रत्येक विधि होती है, उसी का पालन करें।

भोजन और आहार में संयम:- साधना के दौरान मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों का त्याग करें। सात्विक आहार ग्रहण करें।

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